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Ek Gadhe Ki Aatma Katha

by Krishan Chander.
Publisher: Hind Pocket Books (1 January 2014) PaperbackISBN: 9788170282433.
Book Summary: विश्व-ख्याति प्राप्त कथाकार के तीन बहुचर्चित एवं व्यंग्यात्मक उपन्यास यह एक गधे की आत्मकथा है। यह बात दूसरी है कि इसे लिखा है कृश्न चन्दर ने। दरअसल कृश्न चन्दर ने एक गधे के माध्यम से वर्तमान समाज-व्यवस्था और लोगों की मनोवृत्तियों पर गहरा प्रहार किया है। उनका व्यंग्य पैना, तीखा और कचोटने वाला है। ‘एक गधे की वापसी’ के दूसरे खंड में गधे ने जहाँ बड़े-बड़े नेताओं से भेंट की, वहीं वे सेठ-साहूकारों के सम्पर्क में भी आए। परंतु यह तो मानना ही पड़ेगा कि गधा बेदिल नहीं होता, यही कारण है कि गधा आशिक बन बैठा और इस प्रकार गधे की वापसी धमाकेदार रही। इसके तीसरे खंड ‘एक गधा नेफा में’ में कृश्न चन्दर ने अपने गधे को शहरों में नहीं घुमाया, वरन उसे पहाड़ों की सबसे ऊँची चोटियों पर ले गए। नेफा जहाँ भारत ने चीन के मक्कारी से भरपूर कारनामे देखे। अपनी बेजोड़ व्यंग्य शैली में लेखक ने चीन के नेताओं को भी नहीं बख़्शा और उनकी चालबाजियों को बेनकाब किया। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथाकार, कृश्न चन्दर, रवीन्द्रनाथ टैगोर और मुंशी प्रेमचंद के बाद तीसरे ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं, जिनकी रचनाओं का 16 भारतीय और 65 से अधिक प्रमुख विदेशी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है, जिनकी पुस्तकें केवल भारत ही में नहीं, बल्कि अन्य यूरोपीय और एशियाई भाषाओं में लाखों की संख्या में बिकती हैं। भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्मभूषण’ की उपाधि से विभूषित किया तथा उन्हें ‘सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार’ भी मिला।


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Location Category Status Date due
Sohna Road, GGN
Indian Writing Currently Available

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